फूलों की घाटी बनी प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग, विदेशी सैलानियों की भी उमड़ी भीड़

फूलों की घाटी बनी प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग, विदेशी सैलानियों की भी उमड़ी भीड़

चमोली

रिपोर्ट-संजय कुंवर

उत्तराखंड के चमोली जनपद स्थित विश्व धरोहर स्थल “फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान” इन दिनों दुर्लभ अल्पाइन पुष्पों की महक और प्रकृति प्रेमियों की रौनक से गुलजार हो चुका है। रंग-बिरंगे फूलों की चादर ओढ़े यह घाटी, हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

ब्रिटिश पर्वतारोही और वनस्पति विज्ञानी फ्रैंक स्मिथ द्वारा खोजी गई यह घाटी प्राकृतिक जैव विविधता का अद्भुत उदाहरण है। इस घाटी में करीब 350 से अधिक प्रजातियों के अल्पाइन पुष्प खिलते हैं। इन दिनों खासतौर पर सफेद प्रीमुला और गुलाबी एप्लोबियम (रिवर ब्यूटी) पुष्प घाटी की शोभा बढ़ा रहे हैं।

विदेशी सैलानियों की भी मौजूदगी

रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने जानकारी दी कि 1 जून से अब तक घाटी में कुल 3428 पर्यटक पहुंचे हैं, जिनमें से 53 विदेशी पर्यटक और 3295 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। आज घाटी में 19 रूसी और 7 लातवियाई पर्यटक दलों ने भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठाया।

ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग से आय

पर्यटकों की संख्या के साथ घाटी के प्रशासन को भी राजस्व प्राप्त हो रहा है।

  • ऑनलाइन परमिट बुकिंग से अब तक ₹16,200 की आय हुई है।
  • वहीं ऑफलाइन परमिट से अब तक ₹6,66,650 का राजस्व अर्जित किया गया है।

घाटी में आने वाले पर्यटक ऑनलाइन परमिट बुकिंग की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं, जिसमें अब तक 80 भारतीय पर्यटक और 1 विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

प्रकृति प्रेमियों के लिए खास मौसम

वर्तमान में घाटी का मौसम खुशनुमा और पुष्पों की सुगंध से भरपूर है, जो इसे घूमने के लिए आदर्श बनाता है। पर्यटकों को घाटी की जैव विविधता, शांत वातावरण और प्राकृतिक दृश्यावली का एक अनूठा अनुभव मिल रहा है।

फूलों की घाटी, यूनेस्को द्वारा घोषित एक विश्व धरोहर स्थल है और यह न केवल वनस्पतियों बल्कि ट्रेकिंग व एडवेंचर के शौकीनों के लिए भी स्वर्ग मानी जाती है।