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देवभूमि उत्तराखंड में आगामी कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस वर्ष कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से 23 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। इसे देखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले के संचालन में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले को व्यवस्थित, सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।



नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि नशे में लिप्त, उत्पात मचाने वाले, और हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले श्रद्धालुओं पर सख्ती बरती जाए। साथ ही बड़े डीजे साउंड के प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने को कहा गया है।




साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाएं रहेंगी चाक-चौबंद
उन्होंने चेतावनी दी कि साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग और यातायात प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


मेला क्षेत्र का प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था

कांवड़ मेले को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। यह व्यवस्था मेला क्षेत्र में प्रभावी नियंत्रण और निगरानी को ध्यान में रखते हुए की गई है।


महत्वपूर्ण तिथियां:
- कांवड़ यात्रा की अवधि: 11 जुलाई – 23 जुलाई
- पंचक अवधि: 13 जुलाई – 17 जुलाई
- डाक कांवड़: 20 जुलाई – 23 जुलाई
- श्रावण शिवरात्रि (जलाभिषेक): 23 जुलाई
स्थायी और अस्थायी निर्माण कार्यों पर चर्चा


बैठक में कांवड़ मेला संचालन से जुड़ी चुनौतियों और समाधान को लेकर आवश्यक स्थायी और अस्थायी निर्माण कार्यों एवं बजट प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। देहरादून, पौड़ी और टिहरी जिलों ने अपनी तैयारियों और आवश्यकताओं की जानकारी दी।

प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, महानिरीक्षक के. एस. नगन्याल, साथ ही हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी और टिहरी के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


