


हरिद्वार

कांवड़ मेले से पहले जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध सोडा यूनिट पर छापा मारा। यह यूनिट बिना लाइसेंस के गंदगी के बीच चल रही थी, जहां रेहड़ी-पटरी पर बिकने वाली शिकंजी जैसे पेय पदार्थ तैयार किए जा रहे थे।



खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर यूनिट से सैंपल एकत्र किए और उसे जांच के लिए भेजा। छापेमारी के दौरान जो दृश्य सामने आया, वह चौंकाने वाला था—शिकंजी के नाम पर लोगों को प्लास्टिक डिब्बों से निकाले जा रहे रसायनों से तैयार पेय परोसा जा रहा था, जिन पर न तो कोई लेबल था, न निर्माण या एक्सपायरी की जानकारी।




खतरनाक केमिकल “सोडियम बेंजोएट” का खुलासा

जांच में सामने आया कि इस शिकंजी में सोडियम बेंजोएट नामक केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो एक सफेद, गंधहीन क्रिस्टलीय पाउडर होता है। इसका अधिक सेवन उल्टी, पेट दर्द, एलर्जी और यहां तक कि लिवर पर प्रभाव डाल सकता है।


गर्मी में राहत के नाम पर जो पेय लोगों को दिया जा रहा था, वह असल में सेहत के लिए गंभीर खतरा बन चुका था। शिकंजी और अन्य फ्लेवर युक्त सोडा बिना किसी निगरानी और सुरक्षा मानकों के तैयार किया जा रहा था।

कार्रवाई से मचा हड़कंप


खाद्य सुरक्षा विभाग की इस छापेमारी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। कांवड़ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचते हैं, ऐसे में इस तरह के अवैध और जहरीले पेय लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकते हैं।
लाइसेंस नहीं, सुरक्षा नहीं — सीधा उल्लंघन
पकड़ी गई सोडा यूनिट न तो पंजीकृत थी, न ही उसके पास खाद्य सुरक्षा का लाइसेंस। प्लास्टिक ड्रमों और गंदे कंटेनरों में सामग्री तैयार की जा रही थी, जिनका न तो स्रोत ज्ञात था और न गुणवत्ता।

कड़ी कार्रवाई की तैयारी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने यूनिट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ एफएसएसएआई अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही की जाएगी।


