


रिपोर्ट – ललित जोशी

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के माननीय न्यायाधीश डॉ. अफरोज अहमद ने शनिवार को काठगोदाम सर्किट हाउस में जिला पर्यावरण समिति के अधिकारियों एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र सहित नैनीताल जनपद के पर्यावरण संरक्षण, वनों की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग से संबंधित रणनीतियों पर चर्चा करना रहा।



डॉ. अफरोज अहमद ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है। इसे बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “यदि हम आज पर्यावरण को सुरक्षित रखेंगे, तभी भविष्य की पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित जीवन मिल सकेगा।”


खनन पर निगरानी और वैज्ञानिक पद्धति की ज़रूरत
जस्टिस अहमद ने बैठक में कहा कि मिट्टी, बालू और पत्थर आदि का खनन वैज्ञानिक और कानूनी ढंग से किया जाना चाहिए। खनन लीज़ के लिए तय मापदंडों का कड़ाई से पालन हो और उसकी नियमित निगरानी की जाए।


नैनीताल झील की गुणवत्ता के लिए हाईड्रोबायोलॉजिकल सिस्टम जरूरी
उन्होंने कहा कि नैनीताल झील भारत ही नहीं, विदेशों के करोड़ों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हाइड्रोबायोलॉजिकल सिस्टम स्थापित किया जाना चाहिए ताकि जल की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच की जा सके और समय रहते आवश्यक सुधार हो सकें। उन्होंने झील संरक्षण के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

जिला पर्यावरण समिति की भूमिका पर बल
डॉ. अहमद ने बताया कि देश के हर जिले में कार्यरत जिला पर्यावरण समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये समितियाँ सूखा और गीला कचरा प्रबंधन, खनन निगरानी, जैव चिकित्सा अपशिष्ट, सीवरेज नियंत्रण, तालाब और झीलों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी को जोड़ते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई।

नदियों व जल स्रोतों में सीवेज न जाए, तकनीकी समाधान पर ज़ोर
न्यायमूर्ति अहमद ने निर्देश दिया कि किसी भी हालत में नदियों, नालों, झीलों या अन्य जल स्रोतों में सीवेज का एक बूंद भी नहीं जाना चाहिए। इसके लिए आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्थापना और पुराने प्लांट्स को बदलने की दिशा में ठोस कार्यवाही होनी चाहिए।

उन्होंने लीगेसी वेस्ट (पुराने कूड़े का ढेर) के पूर्ण निस्तारण और उन क्षेत्रों में छायादार पौधारोपण किए जाने की बात कही।



प्रशासन की ओर से की गई पहलें
बैठक में मौजूद आयुक्त एवं मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत ने जानकारी दी कि रुद्रपुर ट्रेंचिंग ग्राउंड से अब तक लगभग एक लाख टन कूड़े का निस्तारण किया जा चुका है।
वहीं, जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि नैनीताल शहर में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सीवरेज व्यवस्था के साथ-साथ जिला पर्यावरण समिति की नियमित बैठकों के ज़रिए पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रयास जारी हैं।



