चंपावत में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी, मांगों को लेकर चेतावनी तेज

चंपावत में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी, मांगों को लेकर चेतावनी तेज

स्थान : लोहाघाट
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत/लोहाघाट। जिले में मानदेय सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। सोमवार को लोहाघाट के रेन बसेरा परिसर में जिला अध्यक्ष मीना बोहरा के निर्देश पर ब्लॉक अध्यक्ष कविता पंत के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन 17वें दिन भी जारी रहा।

आंदोलन के दौरान कार्यकत्रियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में गहरा आक्रोश है।

ब्लॉक अध्यक्ष कविता पंत ने बताया कि पहले उन्हें तहसील परिसर से हटाकर रेन बसेरा में धरना स्थल दिया गया, जहां निर्माण कार्य चलने और स्थान के जंगल से सटा होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि धरना स्थल पर सुरक्षा की भी कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे खतरे की स्थिति बनी हुई है। कार्यकत्रियों ने मांग की है कि या तो धरना स्थल बदला जाए या उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से प्रांतीय संगठन के बैनर तले आंदोलन कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सरकार से 24 हजार रुपये मासिक मानदेय, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली की अनिवार्यता समाप्त करने और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि देने की मांग की है।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे 24 घंटे धरना देने के साथ-साथ आंदोलन को और उग्र करेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा और हजारों कार्यकत्रियां व उनके परिवार मतदान नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी राजनीतिक दल उनकी मांगों का समर्थन करेगा, उसी का समर्थन 2027 के चुनाव में किया जाएगा।

इधर, जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकत्रियों के आंदोलन के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आने से स्थिति और तनावपूर्ण होती जा रही है।