

सचिन कुमार

देहरादून

देहरादून, 10 अप्रैल।
इस वर्ष की चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल से हो रहा है। यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए शासन-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एडवाइजरी जारी की है।


एआरटीओ प्रशासन चक्रपाणि मिश्रा ने बताया कि पर्वतीय मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक किसी भी व्यवसायिक वाहन के संचालन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। यह निर्णय दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा के लिहाज से लिया गया है।


उन्होंने कहा कि पहाड़ी मार्गों पर ड्राइविंग के लिए दक्षता और सतर्कता अनिवार्य है। इसलिए, व्यवसायिक वाहन चालकों के पास विशेष प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र, वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट तथा सभी वैध दस्तावेज मौजूद होना अनिवार्य किया गया है।
एडवाइजरी के अनुसार, वाहन चालकों की वेशभूषा, व्यवहार और स्वास्थ्य की भी निगरानी की जाएगी। खासतौर पर ड्राइविंग के दौरान चप्पल या सैंडल पहनकर वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी। चालकों को बंद जूते या मजबूत ट्रैकिंग शूज पहनना अनिवार्य किया गया है, ताकि पहाड़ी सड़कों पर गाड़ी चलाते समय किसी भी प्रकार की फिसलन या असंतुलन से बचा जा सके।


परिवहन विभाग का कहना है कि इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चारधाम यात्रा को लेकर पूरे उत्तराखंड में उत्साह का माहौल है, लेकिन साथ ही प्रशासन यात्रियों और वाहन चालकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है, ताकि यह पवित्र यात्रा निर्विघ्न और सुरक्षित ढंग से सम्पन्न हो सके।


