उच्च हिमालई क्षेत्रों में “नन्दा अष्टमी”के लिए दिव्य देव पुष्प के दोहन के साथ ही सीमांत छेत्र में ठंड की दस्तक भी शुरू हो गई है,

उच्च हिमालई क्षेत्रों में “नन्दा अष्टमी”के लिए दिव्य देव पुष्प के दोहन के साथ ही सीमांत छेत्र में ठंड की दस्तक भी शुरू हो गई है,

संजय कुंवर,बद्रीनाथ धाम,,

उच्च हिमालई क्षेत्रों में “नन्दा अष्टमी”के लिए दिव्य देव पुष्प के दोहन के साथ ही सीमांत छेत्र में ठंड की दस्तक भी शुरू हो गई है,भू बैकुंठ नगरी श्री बद्रीनाथ धाम मे भी इस ठंड का असर देखने को मिल रहा है, बदरी पुरी के आस पास की सूखी पहाड़ियों

में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है, बर्फबारी होने से जहां बर्फ विहीन पहाड़ों ने सफेद बर्फ की चादर ओढ़ ली है,बदरी पुरी पहुंचे तीर्थ यात्रियों ने भी इस प्रकृति के अद्भुत नजारे के दर्शनों के साथ साथ भगवान श्री बदरी विशाल जी के दर्शनों का पुण्य

लाभ अर्जित किया, बदरी पुरी के होटल कारोबारी राम नारायण भंडारी ने बताया कि नन्दा अष्टमी के बाद पहाड़ों में शीतकाल

की दस्तक शुरू हो जाती है,जिसका उदाहरण बदरी पुरी के आस पास की पर्वत श्रृंखलाओ पर हिमपात होना है, श्रद्धालु बदरी पुरी के बर्फीले हिम शिखरों के दर्शन कर अभिभूत हो रहे है,