

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड के चमोली जिले में अचानक हुई भारी ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के साथ गिरे ओलों ने जहां एक ओर लोगों की दिनचर्या को बाधित कर दिया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।


ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। गेहूं, सब्जियों और अन्य मौसमी फसलों को सबसे अधिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। कई स्थानों पर खेतों में ओलों की मोटी परत जम गई, जिससे फसलें पूरी तरह बर्बाद होती नजर आईं।


अचानक बदले मौसम के मिजाज से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया है। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। वहीं, कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की सूचना है, जिससे सामान्य जनजीवन और अधिक प्रभावित हुआ है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद ओलावृष्टि इतनी तेज होगी, इसका अंदाजा नहीं था। कुछ ही मिनटों में मौसम ने विकराल रूप ले लिया और खेतों में खड़ी मेहनत की फसलें तबाह हो गईं।
किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि इस नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ेगा।

वहीं, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम परिवर्तन के चलते ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं। उन्होंने आने वाले दिनों में भी मौसम के अस्थिर रहने की संभावना जताई है।


प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आंकलन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। संबंधित विभागों की टीमें जल्द ही मौके पर पहुंचकर रिपोर्ट तैयार करेंगी, जिसके आधार पर आगे की राहत प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से अब ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हालात में तुरंत राहत मिल सके।

