रामनगर में शहरी क्षेत्रों सहित पच्चीस ग्रामीण क्षेत्रो में सरकारी भूमि पर बसे पच्चीस हजार लोग हो सकते है बेघर

रामनगर में शहरी क्षेत्रों सहित पच्चीस ग्रामीण क्षेत्रो में सरकारी भूमि पर बसे पच्चीस हजार लोग हो सकते है बेघर

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रिपोटर -सलीम अहमद

स्थान -रामनगर

रामनगर में शहरी क्षेत्रों सहित पच्चीस ग्रामीण क्षेत्रो में सरकारी भूमि पर बसे पच्चीस हजार लोग हो सकते है बेघर। उत्तराखंड धामी सरकार के खिलाफ रामनगर की जनता ने मोर्चा खोल दिया है जहां आज हजारों की संख्या में रामनगर की जनता सड़कों पर उतर आई और धामी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की वहीं इस प्रदर्शन को कांग्रेस का समर्थन मिलता हुआ दिखाई दे रहा हैं पूर्व विधायक कांग्रेस के नेता रणजीत सिंह रावत ने मोर्चा संभाल लिया है जिसमे हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ थी पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने वन विभाग कार्यालय में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया और सरकार पर तीखे प्रहार करने से नहीं चुके, इस प्रदर्शन के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी शामिल हुए जहां धामी सरकार को घेरते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किएआपको बता दें कि उत्तराखंड सरकार के अतिक्रमण हटाने के अभियान ने रामनगर विधानसभा में आम जनता के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया हैं। सिचाई विभाग और वन विभाग रामनगर विधानसभा में लगातार अवैध अतिक्रमण हटाने नोटिस जारी किए जा रहे है जैसे ही ग्रामीणों को सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की सूचना मिली तो रामनगर विधानसभा की जनता में हाहाकार मच गया। जिसके बाद रामनगर में कांग्रेस पार्टी ने सुर में धामी सरकार को घेरना शुरू कर दिया

सरकार पर हल्ला बोल के नाम से एक जोरदार धरने का आयोजन किया जिसमें हजारो की संख्या में ग्रामीण पहुँचे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य भी भी मौजूद रहे। आम जनता ने अपना दर्द जाहिर करते हुए का की हम लगभग सत्तर साल यहाँ निवास करते आ रहे हैं लेकिन अब सरकार हमे अतिक्रमणकारी बता कर हमें उजाड़ना चाहती हैं हमारे रहने की भी कोई व्यवस्था सरकार नही कर रही हैं। अब सरकार हमारे घर तोड़ देगी तो हम अपने बच्चों और समान को लेकर कहाँ जायगे हमारे पास कही रजिस्ट्री की कोई जमीन भी नही हैं।क्या कुछ कहना है नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का ?परिपक्ष नेता कांग्रेस विधायक यशपाल आर्य का कहना है, भाजपा सरकार की नियत में खोट है, अहंकार हो चुका है कि ये तुगलकी फरमान जारी करके जन भावनाओं का अनादर कर रही है। पोगो बसे हुए 20 साल 40 साल 100 साल हो चुके हैं सब के पास अपना आधार कार्ड है राशन कार्ड हैसरकार क्या चाहती है हम यह जानना चाहते है उन्होंने कहा जनता के हाथ में बहुत बड़ी ताकत है लोकतंत्र ने जनता के हाथ में पूरी ताकत दी है सरकार जनता कि कृपा से आशीर्वाद से बनती है और जनता सरकार बनाना भी जानती है और उखाड़ना भी और कहा ऐसे सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी।पूर्व विधायक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणजीत सिंह रावत ने क्या कुछ कहा?कांग्रेस के वरिष्ठ नेता , पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने बताया कि सरकार का जो ये निर्णय है ये तुगलकी निर्णय है उनका कहना है कि भारत कि पार्लियामेंट ने भी एक कानून पास किया है जितने भी वन ग्राम है इन सब को लगातार किया जाय जितने भी वन में रह रहे हैं लेकिन उसको लगातार करने कि वजाइ 2012 के निर्णय पर कह रहे है कि इनको खाली कराया जाए पिछले साल का सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि जो जहा रह रहा है अगर उसको १२ साल से ज्यादा हो गया है तो वो उसका मालिक है तो सरकार को इन सारो का रेगुलेशन करना चाहिए और जो बिल्कुल भी इस गाइड लाइन में नहीं आते तो उसके लिए पुनर्वास कि व्यवस्था करनी चाहिए अकेले लोकतंत्र में सरकार कि ज़िम्मेदारी है कि वो जनता कि समस्याओं का निराकरण करे और लोकतंत्र कि मालिक जनता है जनता ने अपनी सरकार के लिए सरकार को चुना है और सरकार सत्ता में आने के बाद कहेगी कि नहीं तुम कौन हो, तुम चोर हो ,तुम अपराधी हो तो इससे काम नहीं चलने वाला है सरकार कि ज़िम्मेदारी है कि वो लोगो के लिए व्यवस्था करे और हल्दुआ के पास जो जंगल है उसको डेफोरेस्ट करके बसा सकती है तो इनमे भी जो लोग वन विभाग में है उनको भी डेफोरेस्ट किया जा सकता है जो किसी वजह से कॉर्बेट पार्क के अंदर है उनके लिए दूसरी जगह डेफोरेस्ट करा करके ज़मीन दी जा सकती है

क्युकी सरकार कि ज़िम्मेदारी है। हम कांग्रेस के सिपाही है गांधीवादी तरीके से सरकार से संगर्ष करते रहेंगे जिस तरह से गाँधी जी ने अंग्रेजो को यहां से बहार किया था उस तरीके से इनका भी बिदाई का समय आ गया है।रामनगर की लगभग पच्चीस हजार आवादी की घर बचाने की इस लड़ाई में कांग्रेस सहित अब अन्य राजनीतिक पार्टियों ओर समाजसेवी संगठनों ने भी समर्थन करना शुरू कर दिया हैं अगर रामनगर में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही होती हैं तो जल्द रामनगर में एक बड़ा जन आंदोलन होने की संभावना भी बनी हुई हैं। सरकारी भूमि पर बसे हजारो की संख्या में लोगो के सर पे छत रहेगी या नही दे तो आने वाला वक्त ही बताएगा