बरसात में सर्प रेस्क्यू के लिए वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण, चीला रेंज में वर्कशॉप

बरसात में सर्प रेस्क्यू के लिए वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण, चीला रेंज में वर्कशॉप

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

बरसात के मौसम में सांप और अन्य सरीसृपों के आबादी क्षेत्रों में आने की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने रेस्क्यू टीमों को विशेष प्रशिक्षण देना शुरू किया है। इसी क्रम में राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में एक विशेष हर्पेटोलॉजी वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

इस वर्कशॉप में हरिद्वार फॉरेस्ट डिविजन की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के कर्मियों को सांपों और अन्य जलीय एवं सरीसृप जीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और रेस्क्यू करने का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वन कर्मियों को न केवल सुरक्षित रेस्क्यू तकनीकों की जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें आवश्यक आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए ताकि वे आपात स्थिति में बेहतर तरीके से कार्य कर सकें।

यह प्रशिक्षण भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा दिया गया, जिन्होंने वनकर्मियों को व्यवहारिक और तकनीकी दोनों तरह की जानकारी प्रदान की।

अधिकारियों के अनुसार इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मानसून के दौरान बढ़ने वाले सांपों और अन्य जीवों के खतरे को कम करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकना है।

प्रशिक्षण के बाद अब QRT में शामिल वनकर्मी अधिक कुशलता के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दे सकेंगे और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दे पाएंगे।

वन विभाग ने कहा है कि बरसात के दौरान ऐसे प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि इस समय सांपों के रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशिक्षित टीमों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी रेस्क्यू और सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि वन्यजीव और मानव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।