

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट


पर्यटन नगरी मसूरी में अब ई-रिक्शा संचालन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नगर में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा का सफल परीक्षण किया गया, जिसके बाद इसके नियमित संचालन की तैयारी तेज कर दी गई है।


इस संबंध में उप जिलाधिकारी, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी और एआरटीओ की संयुक्त टीम ने मसूरी के विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शा का ट्रायल किया। परीक्षण के दौरान ई-रिक्शा को शहर की चढ़ाई और ढलान वाले क्षेत्रों में चलाकर इसकी क्षमता और अनुकूलता की जांच की गई।



अधिकारियों के अनुसार यह ट्रायल सफल रहा और ई-रिक्शा ने मसूरी की भौगोलिक परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन किया। इसके बाद अब शहर में इसके रूट तय करने और संचालन व्यवस्था को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


प्रशासन की योजना के अनुसार भविष्य में मसूरी से साइकिल रिक्शा को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा और उसकी जगह ई-रिक्शा को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
इस योजना के तहत हाथ रिक्शा उन्मूलन के साथ-साथ रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो और वे आधुनिक परिवहन व्यवस्था का हिस्सा बन सकें।


ई-रिक्शा संचालन को लेकर मसूरी के स्थानीय गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जल्द बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें रूट निर्धारण और संचालन नीति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने बताया कि तीन अलग-अलग मार्गों पर ई-रिक्शा का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मसूरी में ई-रिक्शा का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि नगर पालिका, एआरटीओ और पुलिस विभाग के साथ मिलकर विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू और सुरक्षित बनी रहे।
ट्रायल के दौरान ई-रिक्शा की तकनीकी क्षमता और पहाड़ी मार्गों पर उसके प्रदर्शन की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि यह वाहन मसूरी की जटिल भौगोलिक स्थिति के लिए उपयुक्त साबित हो सकता है।
ट्रायल के दौरान मौजूद कंपनी के प्रतिनिधि सरल दास ने बताया कि यह ई-रिक्शा पूरी तरह इको-फ्रेंडली है और एक बार चार्ज होने पर लगभग 240 किलोमीटर तक चल सकता है। इसमें 3+1 सीट क्षमता है और यह पर्यटकों के लिए आरामदायक यात्रा का विकल्प प्रदान करेगा।
प्रशासन का मानना है कि ई-रिक्शा के संचालन से मसूरी में जाम की समस्या में कमी आएगी और पर्यटकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही यह कदम पर्यटन नगरी को स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

