

स्थान :खटीमा
रिपोर्ट : अशोक सरकार


जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा क्षेत्र में इस्लामनगर तहसील स्थित स्लेटर हाउस (बूचड़खाना) की टेंडर प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध जताया है।


स्थानीय निवासियों का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर उत्तराखंड से बाहर के एक ठेकेदार को लाभ पहुंचाया गया है। इस कथित अनियमितता के चलते क्षेत्र में असंतोष का माहौल बन गया है और लोगों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।



ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहरी ठेकेदार के संचालन के कारण क्षेत्र में मीट की आपूर्ति और मूल्य व्यवस्था प्रभावित हुई है। उनका आरोप है कि इससे खटीमा में मीट के दाम बढ़ गए हैं और आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


इससे पहले भी स्थानीय लोगों द्वारा कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने पर लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। इसी क्रम में एक बार फिर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की गई है।
लोगों का यह भी आरोप है कि स्लेटर हाउस से होने वाले कुल कटान का लगभग 80 प्रतिशत मीट बरेली (उत्तर प्रदेश) भेजा जा रहा है, जबकि स्थानीय क्षेत्र को मात्र 20 प्रतिशत आपूर्ति ही मिल पा रही है। इस स्थिति को स्थानीय हितों के खिलाफ बताया जा रहा है।

स्थानीय जनता का कहना है कि संसाधनों का इस तरह से बाहरी क्षेत्रों में उपयोग किया जाना खटीमा के लोगों के साथ अन्याय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया की जांच कर इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।


फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और लोग प्रशासन से जल्द से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच और आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

