राहुल गांधी के पौड़ी दौरे की तैयारियां तेज, कंडोलिया मैदान का किया निरीक्षण

राहुल गांधी के पौड़ी दौरे की तैयारियां तेज, कंडोलिया मैदान का किया निरीक्षण

स्थान : पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्टर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 4 जून को प्रस्तावित पौड़ी दौरे को लेकर पार्टी संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं इसी क्रम में कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा सोमवार को पौड़ी पहुंचीं और कार्यक्रम स्थल कंडोलिया मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कुमारी सैलजा ने कार्यक्रम स्थल पर मंच, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आवश्यक तैयारियों का निरीक्षण किया उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि कार्यक्रम को लेकर संगठन स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

निरीक्षण के दौरान कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी का यह दौरा विशेष रूप से पूर्व सैनिकों के साथ संवाद पर केंद्रित रहेगा उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल है प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक कार्यक्रम में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं पार्टी को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग कंडोलिया मैदान पहुंचेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी के पौड़ी आगमन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं और विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जा चुका है।

गोदियाल ने बताया कि यद्यपि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों के साथ संवाद स्थापित करना है, लेकिन आम जनता भी राहुल गांधी को सुनने के लिए उत्सुक है इसी कारण कार्यक्रम स्थल पर बड़ी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

कांग्रेस का मानना है कि राहुल गांधी का यह दौरा उत्तराखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण संदेश देने वाला साबित हो सकता है पार्टी नेताओं के अनुसार, पूर्व सैनिकों के मुद्दों और जनसरोकारों पर होने वाला यह संवाद आगामी राजनीतिक परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।