पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्टर

राजधानी देहरादून के स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल, गढ़ी कैंट में मंगलवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के पुण्य स्मरण में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और आम नागरिकों ने भाग लिया।

श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और साधु-संतों ने उपस्थित होकर मेजर जनरल खंडूरी को श्रद्धासुमन अर्पित किए कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन, व्यक्तित्व और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी का निधन राज्य और देश के लिए अपूरणीय क्षति है उन्होंने कहा कि खंडूरी केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट समाजसेवक और राष्ट्रभक्त सैनिक भी थे, जिन्होंने अपने जीवन का हर क्षण देश और समाज की सेवा को समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में रहते हुए उन्होंने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया, वहीं राजनीति में आने के बाद उत्तराखंड के विकास और सुशासन को नई दिशा देने का कार्य किया उनकी ईमानदार छवि और जनहित के प्रति समर्पण हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि मेजर जनरल खंडूरी ने उत्तराखंड के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर उतारा उनके कार्यकाल में पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास को प्राथमिकता दी गई, जिसके कारण वे जनता के बीच एक लोकप्रिय और सम्मानित नेता के रूप में जाने जाते रहे।

साधु-संतों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण था वक्ताओं ने उनके आदर्शों पर चलने और समाजहित में कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।

श्रद्धांजलि सभा का समापन दो मिनट का मौन रखकर किया गया इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी के योगदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।