

स्थान : लालकुआँ
रिपोर्टर : मुन्ना अंसारी


भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की 34वीं वाहिनी, हल्दूचौड़ में 19वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया इस अवसर पर आयोजित विशेष समारोह में वाहिनी के अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


कार्यक्रम की शुरुआत आकर्षक परेड के साथ हुई, जिसमें वाहिनी के कमांडेंट राजेश कुमार जोशी ने परेड की सलामी ली जवानों ने अनुशासन और समर्पण का परिचय देते हुए शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।



गौरतलब है कि आईटीबीपी की 34वीं वाहिनी की स्थापना 1 जून 2007 को लालकुआँ के हल्दूचौड़ क्षेत्र में की गई थी स्थापना के बाद से वाहिनी देश की सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


स्थापना दिवस समारोह के दौरान वाहिनी द्वारा राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया कार्यक्रम में बल के गौरवशाली इतिहास, उपलब्धियों और विभिन्न अभियानों में निभाई गई भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

अपने संबोधन में कमांडेंट राजेश कुमार जोशी ने सभी अधिकारियों और जवानों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा के प्रति बटालियन का समर्पण सराहनीय है और सभी कर्मियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया है।


उन्होंने जवानों का आह्वान करते हुए कहा कि वे राष्ट्रध्वज की गरिमा को सदैव ऊंचा बनाए रखें तथा शौर्य, दृढ़ता और कर्मनिष्ठा के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करें उन्होंने कहा कि बल की सबसे बड़ी पहचान उसकी अनुशासनप्रियता, साहस और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा है।



समारोह के अंत में राष्ट्र सेवा और सुरक्षा के प्रति आईटीबीपी की प्रतिबद्धता को दोहराया गया अधिकारियों और जवानों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहने का संकल्प लिया।

