ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ देशभर में मेडिकल स्टोर बंद, व्यापारियों का विरोध तेज

ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ देशभर में मेडिकल स्टोर बंद, व्यापारियों का विरोध तेज

स्थान : देहरादून
ब्यरो रिपोर्ट

देहरादून सहित उत्तराखंड और देश के कई हिस्सों में बुधवार को मेडिकल स्टोर संचालकों ने एक दिवसीय हड़ताल कर ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। यह हड़ताल ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और उत्तराखंड औषधि व्यवसायी महासंघ के आह्वान पर की गई।

हड़ताल के दौरान दवा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और कहा कि ई-फार्मेसी और क्विक डिलीवरी प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त निगरानी और सख्त नियमों के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं, बल्कि सीधे मानव स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी होती हैं। ऐसे में इनके वितरण और बिक्री पर सख्त नियंत्रण और पारदर्शी व्यवस्था आवश्यक है, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही से बचा जा सके।

केमिस्ट संगठनों ने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डॉक्टर के पर्चे की उचित जांच किए बिना दवाओं की बिक्री हो रही है। इससे एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग, नशीली दवाओं की अनियंत्रित उपलब्धता और गलत दवा सेवन जैसी समस्याएं बढ़ने का खतरा है।

संगठन का यह भी कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फर्जी प्रिस्क्रिप्शन तैयार करने और ऑनलाइन परामर्श के नाम पर भ्रामक गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। कई मामलों में एक ही पर्चे का बार-बार उपयोग कर दवाएं खरीदी जाने का आरोप भी लगाया गया है।

दवा व्यापारियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए, GSR 817 और कोविड काल में लागू GSR 220 को वापस लिया जाए, ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट पर रोक लगे और फार्मासिस्ट की पेशेवर भूमिका को सुरक्षित किया जाए।

व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिससे देशभर में दवा वितरण व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।