

स्थान : चमोली
ब्यरो रिपोर्ट


चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में पश्चिमी पिंडर रेंज, बद्रीनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत लगी भीषण आग ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेगुना गांव के नीचे वन भूमि क्षेत्र में लगी आग से हजारों शिशु पौधे जलकर राख हो गए, जबकि लाखों रुपये की वन संपदा भी आग की भेंट चढ़ गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।


जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में सिविल वन भूमि क्षेत्र में करीब 5500 शिशु पौधों का वृक्षारोपण किया गया था। लेकिन आग की चपेट में आने से अधिकांश पौधे पूरी तरह नष्ट हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से भारी नुकसान हुआ है।


ग्रामीणों के मुताबिक जंगल में आग लगातार दो दिनों तक धधकती रही, लेकिन वन विभाग आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं कर पाया। लोगों का आरोप है कि आग बढ़ती रही और विभागीय टीमें मौके पर पर्याप्त संख्या में नजर नहीं आईं। इससे ग्रामीणों में विभाग की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग जंगलों को बचाने के लिए जागरूकता अभियान, रैलियां और नुक्कड़ नाटक तो करता है, लेकिन वास्तविक घटनाओं के दौरान व्यवस्थाएं कमजोर दिखाई देती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर आग बुझाने के प्रयास किए जाते तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।
पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जंगलों में बार-बार लग रही आग केवल वन संपदा को ही नहीं बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों को भी भारी नुकसान पहुंचा रही है। लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई तंत्र विकसित करने की मांग उठाई है।

वहीं बद्रीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश दुबे ने बताया कि नारायणबगड़ क्षेत्र में लगी आग पर काबू पाने के लिए विभागीय टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। वन कर्मी सुबह से अलग-अलग क्षेत्रों में आग बुझाने में जुटे हुए हैं।


उन्होंने कहा कि तेज गर्मी और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे आग बुझाने में दिक्कतें आ रही हैं। बावजूद इसके विभाग की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और जल्द से जल्द आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने का प्रयास किया जा रहा है।

