

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से हो चुकी है। यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए परिवहन विभाग ने कमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य कर दिया है।


ग्रीन कार्ड जारी करने से पहले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। इसमें वाहन के सभी जरूरी दस्तावेज, लाइट, इंडिकेटर, जीपीएस सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच शामिल है। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर वाहन को यात्रा की अनुमति नहीं दी जा रही है।

परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 29 मार्च से ही ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, ताकि यात्रा प्रारंभ होते ही किसी तरह की परेशानी न हो।

आंकड़ों के अनुसार 30 मार्च से 27 अप्रैल तक हरिद्वार और रुड़की आरटीओ कार्यालयों द्वारा 5000 से अधिक ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं पूरे उत्तराखंड में यह संख्या 13,744 से अधिक पहुंच चुकी है।

एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 मार्च को परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा द्वारा ग्रीन कार्ड पोर्टल का शुभारंभ किया गया था, जिसके बाद से प्रक्रिया लगातार जारी है।

उन्होंने बताया कि हरिद्वार उपसंभाग में लगभग 3900 और रुड़की उपसंभाग में करीब 1000 ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिससे जनपद हरिद्वार में कुल संख्या लगभग 5000 तक पहुंच गई है।


परिवहन विभाग के अनुसार उत्तराखंड राज्य के कमर्शियल वाहनों को पूरी यात्रा अवधि के लिए ग्रीन कार्ड जारी किया जा रहा है। हालांकि यदि वाहन के दस्तावेज यात्रा के दौरान समाप्त हो जाते हैं, तो ग्रीन कार्ड स्वतः निरस्त हो जाएगा।

वहीं अन्य राज्यों से आने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड की वैधता केवल 15 दिनों की निर्धारित की गई है। विभाग ने सभी वाहन चालकों से नियमों का पालन करने और यात्रा को सुरक्षित बनाने में सहयोग करने की अपील की है।

