

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण टिहरी द्वारा मसूरी से लगे कमेटी क्षेत्र में दो मकानों को सील किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।


प्राधिकरण की टीम के मौके पर पहुंचते ही ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बनी रही, हालांकि बाद में पुलिस ने हालात को नियंत्रण में कर लिया।

स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बाहरी लोगों द्वारा बनाए जा रहे बहुमंजिला होटलों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि ग्रामीणों के मकानों पर सख्ती दिखाई जाती है।


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि कोई व्यक्ति ग्राम समाज की जमीन पर अपने रहने के लिए मकान बनाता है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। वहीं, बड़े निर्माण कार्यों को नजरअंदाज किया जाता है।
इस दौरान कुछ लोगों ने विभागीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और रिश्वत मांगने के भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।


स्थानीय निवासी प्रवेश राणा ने बताया कि प्राधिकरण की टीम ने उनका भवन सील कर दिया, जबकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।


उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में उनके द्वारा मसूरी के एमपीजी कॉलेज क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और नगर पालिका की जमीन से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे, जिसके चलते द्वेष भावना से यह कार्रवाई की गई है।


प्रवेश राणा ने कहा कि वे इस मामले को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात करेंगे और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्राधिकरण का रवैया नहीं बदला गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

