लालकुआँ में भीषण गर्मी का कहर, प्याऊ और वाटर कूलर बंद होने से लोग परेशान

लालकुआँ में भीषण गर्मी का कहर, प्याऊ और वाटर कूलर बंद होने से लोग परेशान

स्थान : लालकुआँ
ब्यूरो रिपोर्ट

भीषण गर्मी के चलते लालकुआँ नगर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तापमान बढ़ने के साथ ही लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल व्यवस्था को लेकर उठानी पड़ रही है। नगर में सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ और वाटर कूलर के समुचित प्रबंध न होने से राहगीरों और स्थानीय लोगों के कंठ सूख रहे हैं।

नगर के विभिन्न स्थानों पर लगे प्याऊ और वाटर कूलर लंबे समय से खराब पड़े हुए हैं। विशेष रूप से पीपल मंदिर स्थित आजाद नगर वार्ड नंबर चार में लगाया गया वाटर कूलर रखरखाव के अभाव में बंद पड़ा है, जिससे लोगों को शुद्ध और ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है।

रेलवे स्टेशन, तहसील और अस्पताल जैसे प्रमुख स्थानों पर भी पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। इन स्थानों पर दिनभर यात्रियों और आम नागरिकों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन पानी की सुविधा न होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के कारण बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में बैठे हैं, वहीं लोग जरूरत पड़ने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

पानी की समस्या के चलते राहगीर हाथों में पानी की बोतल लेकर इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। कई लोग मजबूरी में गन्ने और मौसमी जूस की दुकानों पर प्यास बुझाते दिखाई दे रहे हैं।

गौरतलब है कि लालकुआँ को कुमाऊं का प्रवेश द्वार कहा जाता है, जहां बरेली, दिल्ली, मुंबई, बिहार, राजस्थान और कोलकाता सहित कई शहरों से लोगों का आवागमन होता है। रेलवे स्टेशन चौराहे पर दिनभर यात्रियों की भीड़ रहती है, लेकिन यहां प्याऊ की व्यवस्था न होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन स्वर्गीय रामबाबू मिश्रा के कार्यकाल में शहर के कई स्थानों पर वाटर कूलर लगाए गए थे, जिनसे लोगों को ठंडा पानी मिलता था। लेकिन वर्तमान में अधिकांश वाटर कूलर खराब पड़े हैं।

बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पहले रेलवे स्टेशन के पास लगे वाटर कूलर को हटाकर आठ मटकों का प्याऊ लगाया गया था, लेकिन यह भी अब शोपीस बनकर रह गया है। मटकों पर काई जम चुकी है, टोटियां खराब हैं और आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है।

नगर में पेयजल व्यवस्था की बदहाली से न केवल लोग बल्कि पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द प्याऊ और वाटर कूलर दुरुस्त कर उचित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।