

स्थान : ज्योतिर्मठ (चमोली)
ब्यूरो रिपोर्ट

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा जनपद चमोली के विकासखंड ज्योतिर्मठ में स्थित राजकीय आलू प्रक्षेत्र कोठी फार्म और राजकीय बहुधंधी उद्यान प्रक्षेत्र परसारी को दशकों बाद पुनर्जीवित करने की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी गई है। विभाग इन फार्मों को दोबारा सक्रिय कर किसानों को उन्नत किस्म के आलू बीज उपलब्ध कराने की तैयारी में जुटा है।


बताया जा रहा है कि वर्षों पहले इन सरकारी फार्मों से पूरे क्षेत्र के किसानों को अनुदानित दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज उपलब्ध कराए जाते थे। इन बीजों से किसानों को बेहतर उत्पादन मिलता था और खेती में लाभ भी होता था।

समय के साथ इन फार्मों में बीज उत्पादन बंद हो गया, जिससे स्थानीय किसान बाहरी राज्यों से महंगे बीज खरीदने को मजबूर हो गए। इससे खेती की लागत बढ़ने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ा।


अब विभाग ने इस स्थिति को बदलने का प्रयास शुरू किया है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो आगामी अक्टूबर माह से किसानों को एक बार फिर कोठी और परसारी फार्म से उन्नत आलू बीज मिल सकेंगे।
वर्तमान में विभाग द्वारा उन्नत किस्म ‘कुफरी ज्योति’ के प्रमाणित प्रथम श्रेणी (F1) बीजों की बुवाई युद्ध स्तर पर की जा रही है। इस पहल से क्षेत्र में आलू उत्पादन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


विभागीय अधिकारी सोमेश भंडारी ने बताया कि राजकीय उद्यान कोठी में लगभग 1.60 हेक्टेयर क्षेत्र में 56 कुंतल तथा परसारी में 1.0 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 35 कुंतल आलू बीज की बुवाई की जा रही है।


उन्होंने कहा कि अक्टूबर-नवंबर में खुदाई के बाद इन बीजों को राजकीय सहायता के तहत किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिल सकेंगे।


विभाग का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को आलू बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और पुराने सरकारी फार्मों को पुनर्जीवित करना है, ताकि किसानों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर संसाधन मिल सकें।

लंबे समय बाद शुरू हुई इस पहल से क्षेत्र के किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में उन्हें फिर से स्थानीय स्तर पर उन्नत किस्म के बीज मिलेंगे, जिससे उनकी पैदावार और आय दोनों में वृद्धि होगी।

