

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में 28 अप्रैल को देहरादून में एक दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र बुलाया गया है, जिसमें “नारी शक्ति वंदन अधिनियम: नारी सम्मान – लोकतंत्र में अधिकार” विषय पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह सत्र राज्य विधानसभा में आयोजित होगा।

इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। सरकार इस मंच के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर करेगी।


विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने इस संबंध में बयान देते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल का पारित न हो पाना महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के विरोध के चलते यह महत्वपूर्ण बिल पारित नहीं हो सका, जो दुर्भाग्यपूर्ण है और महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी दर्शाता है।
ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा कि आगामी सत्र में सभी सदस्य इस विषय पर गंभीरता से चर्चा करेंगे और उम्मीद है कि एक सकारात्मक निष्कर्ष सामने आएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल एक मुद्दा नहीं बल्कि लोकतंत्र की मजबूती का आधार है, इसलिए इस दिशा में ठोस कदम उठाना आवश्यक है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र राज्य की राजनीति में महिला मुद्दों को केंद्र में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।

अब सभी की निगाहें इस विशेष सत्र पर टिकी हैं, जहां महिला अधिकारों और आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं।

