रूस-यूक्रेन युद्ध: यूक्रेन का बड़ा दावा, 1,200 किमी दूर गैस प्लांट और सैन्य ठिकानों पर हमला

रूस-यूक्रेन युद्ध: यूक्रेन का बड़ा दावा, 1,200 किमी दूर गैस प्लांट और सैन्य ठिकानों पर हमला

ब्यूरो रिपोर्ट

कीव/मॉस्को। रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर तेज होता दिख रहा है। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस के भीतर गहराई तक हमला करते हुए ओरेनबर्ग स्थित बड़े गैस प्रोसेसिंग प्लांट और दो सैन्य सैटेलाइट संचार केंद्रों को निशाना बनाया है। यह क्षेत्र यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,200 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।

यूक्रेनी जनरल स्टाफ के अनुसार, यह हमला रातभर चले ऑपरेशन का हिस्सा था, जिसमें रूस के ऊर्जा और सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। यूक्रेन का दावा है कि ओरेनबर्ग गैस प्लांट, जो रूस के सबसे बड़े गैस परिसरों में से एक माना जाता है, हमले की चपेट में आया है। इस परिसर में हीलियम उत्पादन इकाई भी स्थित बताई जाती है, जिसका उपयोग सैन्य तकनीक में होता है।

यूक्रेन ने यह भी दावा किया है कि उसने मॉस्को के पास स्थित डुबना स्पेस कम्युनिकेशन सेंटर और व्लादिमीर क्षेत्र के एक अन्य सैन्य संचार केंद्र को भी निशाना बनाया। ये केंद्र रूसी सेना के संचार नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

इसके साथ ही क्रीमिया क्षेत्र में भी यूक्रेन द्वारा ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। यूक्रेनी सुरक्षा सेवा (SBU) के अनुसार, क्रीमिया के दो सैन्य एयरबेस पर हमला कर मिसाइल सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया है। सेवास्तोपोल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी जानकारी सामने आई है।

वहीं रूस की ओर से कहा गया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 323 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए हैं। दूसरी ओर यूक्रेन का दावा है कि रूस ने उसके क्षेत्र पर 101 ड्रोन हमले किए।

हालांकि दोनों देशों के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। रूस की ओर से इन हमलों पर फिलहाल कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमले इस बात का संकेत दे रहे हैं कि यह युद्ध अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा, सैन्य और रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।