मसूरी एसडीएम कार्यालय को बम धमाके की धमकी, चारधाम समेत कई स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

मसूरी एसडीएम कार्यालय को बम धमाके की धमकी, चारधाम समेत कई स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

देहरादून उत्तराखंड में एक बार फिर बम धमाके की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। इस बार मसूरी एसडीएम कार्यालय को ई-मेल के माध्यम से धमकी भेजी गई है, जिसमें चारधाम यात्रा मार्ग सहित राज्य के कई प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाने की बात कही गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह मसूरी एसडीएम कार्यालय को एक संदिग्ध ई-मेल मिला, जिसमें हरिद्वार, ऋषिकेश, बद्रीनाथ, केदारनाथ समेत कई स्थानों पर बम धमाकों की धमकी दी गई। ई-मेल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम भी उल्लेखित किया गया है।

धमकी भरा मेल मिलने के बाद उत्तराखंड पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। राज्यभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है तथा चारधाम यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस के साथ-साथ डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ते और खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

साइबर पुलिस ई-मेल के स्रोत और भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम मेल की लोकेशन, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि इसके पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके।

धमकी भरे संदेश में कथित तौर पर “उत्तराखंड दिल्ली बोलेगा खालिस्तान” जैसे शब्दों का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद का जिक्र करते हुए पुलिस को भी धमकी देने का दावा किया गया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि उत्तराखंड एक शांतिप्रिय राज्य है और यहां चारधाम यात्रा तथा हेमकुंड साहिब यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले भी फरवरी माह में उत्तराखंड हाईकोर्ट और कुछ निचली अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले थे, जो बाद में फर्जी साबित हुए थे। हालांकि इस बार भी जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा रहा है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।