

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट


निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर त्रिवेणी घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया।


मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत बिना जल ग्रहण किए रखा जाता है और इसका पुण्य वर्षभर की सभी 24 एकादशियों के बराबर माना जाता है। इसी आस्था के चलते भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक रहा।



घाट पर सुबह से ही “हर-हर गंगे” के जयघोष के बीच भक्तों की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद भगवान विष्णु की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंखा, मिट्टी की सुराही, अन्न, वस्त्र और छाते का दान किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास की इस एकादशी पर जल और छाया का दान अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।

भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घाट पर जल पुलिस, गोताखोर और एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।


प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।


पूरे दिन त्रिवेणी घाट पर भक्ति, आस्था और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा।

