अल्मोड़ा में मानसून तैयारियों की समीक्षा, प्रभारी सचिव ने दिए सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के निर्देश

अल्मोड़ा में मानसून तैयारियों की समीक्षा, प्रभारी सचिव ने दिए सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के निर्देश

स्थान : अल्मोड़ा
रिपोर्टर : संजय जोशी

अल्मोड़ा मानसून सीजन को देखते हुए जनपद प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने बुधवार को विकास भवन सभागार, अल्मोड़ा में आपदा प्रबंधन एवं मानसून पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की तैयारियों का बारीकी से आकलन किया गया।

बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनपद में की गई तैयारियों की जानकारी प्रभारी सचिव को दी। उन्होंने बताया कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हीकरण, कंट्रोल रूम की स्थापना, नोडल अधिकारियों की तैनाती, जेसीबी और डोजर की व्यवस्था, खाद्यान्न व दवाइयों का अग्रिम भंडारण तथा वैकल्पिक मार्गों की पहचान जैसे कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

प्रस्तुतीकरण के बाद प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने जिला प्रशासन की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मानसून स्वयं आपदा नहीं है, बल्कि इसके दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियां जैसे भूस्खलन, बाढ़ और मार्ग अवरोध वास्तविक आपदा होती हैं।

उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (रिस्पांस टाइम) कम से कम होना चाहिए, ताकि प्रभावित लोगों तक राहत और आवश्यक सुविधाएं शीघ्र पहुंचाई जा सकें। यही प्रशासन की प्राथमिक प्राथमिकता होनी चाहिए।

प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को टीम वर्क की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में समन्वय और सहयोग से ही प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, पूर्ति, विद्युत, जल संस्थान और सिंचाई विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सड़कों को शीघ्र खोलना, अस्पतालों में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करना, नदियों और नालों के जलस्तर की निगरानी तथा संवेदनशील गांवों में चेतावनी प्रणाली को सक्रिय रखना आवश्यक है।

बैठक के दौरान डॉ. पांडे ने सभी विभागीय अधिकारियों से सुझाव लिए और क्षेत्रीय समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान शासन स्तर पर संभव है, उन्हें प्राथमिकता से निस्तारित किया जाएगा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए नियमित मॉकड्रिल कराई जाए, ताकि सभी विभागों की भूमिका स्पष्ट रहे और समन्वय बेहतर हो सके। साथ ही संचार व्यवस्था, वायरलेस सेट और सैटेलाइट फोन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश पुरोहित, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित लोनिवि, सिंचाई, विद्युत एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।