बद्रीनाथ यात्रा 2026: तैयारियों की समीक्षा, ‘स्मार्ट यात्रा’ पर जोर

बद्रीनाथ यात्रा 2026: तैयारियों की समीक्षा, ‘स्मार्ट यात्रा’ पर जोर

स्थान : चमोली
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ यात्रा के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खुलने जा रहे हैं। इसको लेकर शासन-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर नोडल अधिकारी एवं अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) A. P. Anshuman ने गौचर पहुंचकर व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की।

गौचर पहुंचने पर एडीजी का स्वागत पुलिस अधीक्षक Surjeet Singh Panwar ने पुष्पगुच्छ देकर किया। इसके बाद एडीजी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर यात्रा तैयारियों का जायजा लिया।

बैठक में बीआरओ, आईटीबीपी, नगर पालिका, एनएच, पीडब्ल्यूडी, रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ गहन चर्चा हुई। यात्रा मार्ग के संवेदनशील क्षेत्र कमेडा में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग को दो लेन में सुचारु कर दिया जाएगा।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि गौचर से आगे का मार्ग अलकनंदा नदी के किनारे से गुजरता है, जहां दुर्घटना की स्थिति में बड़ा खतरा बना रहता है। इस पर एडीजी ने संवेदनशील स्थानों पर जल पुलिस की तैनाती और स्थानीय गोताखोरों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए।

यात्रा के दौरान गैस सिलेंडरों की बढ़ती मांग को लेकर भी चर्चा हुई। व्यापारियों ने पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी, जिस पर प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मिट्टी के तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विचार किया।

रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। स्थानीय व्यापारियों ने ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की, ताकि व्यापार प्रभावित न हो और यात्रियों को सुविधा मिल सके।

नगर पालिका अध्यक्ष ने गौचर क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पुलिस चौकी को थाना स्तर पर अपग्रेड करने का प्रस्ताव रखा। वहीं, एसडीएम कर्णप्रयाग ने आश्वासन दिया कि विवाह सीजन और यात्रा के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

एडीजी ने गौचर स्थित यात्री रजिस्ट्रेशन केंद्र का निरीक्षण कर निर्देश दिए कि पंजीकरण प्रक्रिया सरल और सुगम बनाई जाए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

इसके बाद Pipalkoti में व्यापार संघ और टैक्सी यूनियन के साथ बैठक में रैश ड्राइविंग और मॉडिफाइड बाइक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी। साथ ही, सड़क बाधित होने पर त्वरित मरम्मत और रात्रि में यात्री वाहनों के संचालन को नियंत्रित करने पर भी चर्चा हुई।

एडीजी A. P. Anshuman ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों के सुझाव यात्रा को सफल बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे। तकनीक और स्थानीय अनुभव को जोड़कर इस बार ‘स्मार्ट यात्रा’ व्यवस्था लागू की जाएगी।”

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, व्यापार संघ और स्थानीय संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।