

स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट


विकासनगर में प्रदेश के सरकारी विभागों और निगमों में आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के शोषण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है जन संघर्ष मोर्चा ने आरोप लगाया है कि निजी एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।


मोर्चा के अनुसार कई आउटसोर्स कर्मचारियों को उनकी पे-स्लिप तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे वे अपने वास्तविक वेतन और की गई कटौतियों की सही जानकारी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं इससे कर्मचारियों में असंतोष और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।


जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और कमीशन के नाम पर अनियमित कटौती की जा रही है उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकांश कर्मचारियों को यह तक जानकारी नहीं है कि उनका ईपीएफ वास्तव में जमा हो रहा है या नहीं।

नेगी ने कहा कि कई कर्मचारियों को उनका ईपीएफ नंबर तक उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा निर्धारित वेतन के बावजूद एजेंसियां मनमाने तरीके से कटौती कर रही हैं।
उन्होंने संबंधित विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि अधिकारी इस पूरे मामले पर आंखें मूंदे बैठे हैं साथ ही जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए गए हैं, जिससे कर्मचारियों की समस्याएं और गंभीर होती जा रही हैं।

जन संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की अनदेखी जारी रही, तो वे इस मुद्दे को शासन स्तर तक ले जाकर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।


मोर्चा ने मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन, ईपीएफ और अन्य सुविधाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए ताकि उनका शोषण रोका जा सके और उनके अधिकारों की रक्षा हो सके।

