

स्थान : हरिद्वार
ब्यरो रिपोर्ट

आगामी चारधाम यात्रा से पहले हरिद्वार में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए एक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के 7 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ व्यापक अभ्यास किया गया, जिसमें विभिन्न आपदा स्थितियों से निपटने की क्षमता का परीक्षण किया गया।


यह मॉक ड्रिल एनडीएमए-यूएसडीएमए के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें भगदड़, बाढ़, भूस्खलन और बम अफवाह जैसी कई आपातकालीन परिस्थितियों का सिमुलेशन किया गया। अभ्यास के दौरान रेस्क्यू टीमों ने गंगा में बहने, भीड़ में फंसे लोगों और दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को सुरक्षित निकालने का सफल प्रदर्शन किया।


इस अभ्यास में कुल 399 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। इसमें पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित कई आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी की और अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।


अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करना है। विशेषज्ञों ने भी संचार व्यवस्था और आपदा तैयारी को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

प्रशासन ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।


