उधम सिंह नगर में बड़ा खुलासा: अवैध असलहा गिरोह का पर्दाफाश

उधम सिंह नगर में बड़ा खुलासा: अवैध असलहा गिरोह का पर्दाफाश

स्थान : सितारगंज
ब्यरो रिपोर्ट

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भयमुक्त और अपराधमुक्त उत्तराखंड के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उधम सिंह नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में एक बड़े अवैध असलहा गिरोह का पर्दाफाश किया गया है, जिसके तार जम्मू तक जुड़े बताए जा रहे हैं।

जिले की एसओजी और सितारगंज कोतवाली पुलिस द्वारा संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। सिडकुल क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की सफेद स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने गाड़ी मोड़कर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर दोनों संदिग्धों को वाहन समेत पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान पुलिस को दोनों आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध असलहा और कारतूस बरामद हुए। इस पूरे मामले का खुलासा सितारगंज कोतवाली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी अजय गणपति ने किया, जहां उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल को की गई इस कार्रवाई में बड़ी सफलता हाथ लगी है।

पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे पुलिस से बचने के लिए हथियारों को जंगल में छिपाने जा रहे थे और अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की सप्लाई करते हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान हरेंद्र सिंह उर्फ हनी निवासी बिरिया फॉर्म सिसैया और निखिल वर्मा उर्फ रानू निवासी केशव नगर सितारगंज के रूप में हुई है।

एसएसपी अजय गणपति के अनुसार आरोपियों के पास से बिना नंबर प्लेट की कार, पांच अवैध असलहे, 222 जिंदा कारतूस और 129 खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। बैंक खातों की जांच में यह भी सामने आया है कि इनके लेनदेन के तार जम्मू के इरफान मीर उर्फ रिहान मीर से जुड़े हैं, जिससे इस नेटवर्क के बड़े स्तर पर फैले होने के संकेत मिलते हैं।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध हथियारों की सप्लाई करते हैं और जम्मू निवासी वाहिद/वाजिद समेत अन्य लोगों को हथियार उपलब्ध कराते रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।