

स्थान : ज्योतिर्मठ
ब्यरो रिपोर्ट

चमोली जिले में तपोवन विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना को लेकर चल रहा आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। एनटीपीसी और परियोजना प्रभावित गांवों के बीच 15 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। इसके साथ ही करीब आठ दिन बाद परियोजना का निर्माण कार्य फिर से सुचारू रूप से शुरू हो गया है।


दरअसल, एनटीपीसी परियोजना के खिलाफ प्रभावित गांवों के लोग पिछले नौ दिनों से आंदोलन कर रहे थे। मंगलवार को जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रशासन, एनटीपीसी और ग्रामीणों के बीच कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी, जिसके बाद आंदोलन खत्म करने का रास्ता साफ हुआ।


बुधवार सुबह तहसीलदार जोशीमठ, एनटीपीसी और एचसीसी के अधिकारी तपोवन कंपनी के प्रवेश द्वार पर पहुंचे, जहां आंदोलन कर रहे ग्रामीणों को सहमति पत्र पढ़कर सुनाया गया। सहमति की शर्तों से संतुष्ट होने के बाद ग्रामीणों ने अपना क्रमिक धरना स्थगित कर दिया।


आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रधान संघ के अध्यक्ष मोहन बैंजवाल ने सेलंग स्थित टीवीएम साइट पर पहुंचकर सहमति पत्र जनप्रतिनिधियों को सौंपा। इसके बाद पैनी–अनिमठ में चल रहा आंदोलन भी समाप्त कर दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो गई।
हालांकि ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले 20 दिनों के भीतर उनकी प्रमुख मांग, विशेषकर चारापत्ती मुआवजे पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। इससे साफ है कि फिलहाल विवाद टला है, लेकिन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

इस दौरान क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें ग्राम प्रधान सेलंग रोशना बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य वर्षा बिष्ट, ग्राम प्रधान पैनी विनीता देवी, लक्ष्मी देवी, बीना देवी, मिथलेश फर्स्वाण सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे।


