
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सामने एआरटीओ विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 से 60 ई-रिक्शाओं को सीज कर दिया। यह कार्रवाई बिना सत्यापन के सड़कों पर चल रहे वाहनों के खिलाफ की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।


एआरटीओ निखिल शर्मा ने बताया कि करीब ढाई महीने पहले सभी ई-रिक्शा चालकों और मालिकों को सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में वाहन बिना सत्यापन के ही सड़कों पर दौड़ रहे थे।


उन्होंने जानकारी दी कि जनपद में करीब 12 हजार ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, लेकिन अब तक केवल लगभग 1,500 वाहनों का ही सत्यापन हो पाया है। ऐसे में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई की गई है।


कार्रवाई के दौरान टीम ने रेलवे स्टेशन के सामने अभियान चलाकर एक-एक ई-रिक्शा की जांच की और दस्तावेज पूरे न होने पर उन्हें तुरंत सीज कर दिया।

एआरटीओ ने नाबालिग चालकों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई नाबालिग ई-रिक्शा चलाते हुए पाया गया तो उसके अभिभावकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को ई-रिक्शा चलाने की अनुमति न दें, क्योंकि इससे न सिर्फ उनकी जान को खतरा है बल्कि किसी दुर्घटना की स्थिति में जेल तक जाना पड़ सकता है।

एआरटीओ विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का पालन न करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

