

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड की पौराणिक नगरी लाखामंडल से बड़ी ऐतिहासिक खोज सामने आई है। मंदिर क्षेत्र के पास निजी निर्माण के लिए की जा रही जेसीबी खुदाई के दौरान जमीन के नीचे दबी प्राचीन मूर्तियां और शिल्पखंड बरामद हुए हैं।


बताया जा रहा है कि बरामद मूर्तियां 10वीं से 11वीं शताब्दी की शिल्पकला से मेल खाती हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार ये अवशेष क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।


सूचना मिलने पर पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी प्राचीन अवशेषों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया। विभाग ने इन्हें ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया है।


हालांकि इस घटना के बाद क्षेत्र में विवाद भी खड़ा हो गया है। लाखामंडल शिव मंदिर समिति ने संरक्षित क्षेत्र में जेसीबी से हो रही खुदाई पर कड़ा विरोध जताया है।
समिति ने इसे धरोहर के लिए खतरा बताते हुए अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाया है और प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है।


गौरतलब है कि महाभारत काल से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल लाखामंडल में पहले भी कई प्राचीन अवशेष मिल चुके हैं, जिससे इसकी ऐतिहासिक अहमियत और बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों ने अब पूरे क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की है, ताकि इस धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

