
स्थान : लालकुआँ
ब्यूरो रिपोर्ट

लालकुआं के दी हल्द्वानी स्टोन क्रेशर को लेकर पर्यावरण संरक्षण मानकों की अनदेखी की खबरों के बीच मामला नया मोड़ लेता दिख रहा है। स्थानीय लोगों और क्रेशर संचालकों ने इन खबरों को खारिज करते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया है। उनका दावा है कि उद्योग को बदनाम कर मोटी रकम वसूलने का प्रयास किया जा रहा है।


उद्योग से जुड़े लोगों ने बताया कि खनन निदेशक राजपाल लेघा के सख्त निर्देशों के बाद क्षेत्र में अवैध खनन पर पूरी तरह विराम लग चुका है। सभी क्रेशर संचालक सरकार की नियमावली का पारदर्शी पालन कर रहे हैं।


सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उद्योग में नियमित पानी का छिड़काव किया जा रहा है और बाउंड्री जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। इससे स्थानीय पर्यावरण और कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।


सबसे गंभीर आरोप यह सामने आया है कि एक कथित पत्रकार ने महंगा मोबाइल फोन और सुविधा शुल्क की मांग की। मांग पूरी न होने पर झूठी और भ्रामक खबरें फैलाकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी। इस तरह की हरकतों ने उद्योग को नुकसान पहुंचाने के साथ पत्रकारिता पेशे की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टोन क्रेशर से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलता है और कई परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। ऐसे में निराधार आरोपों के जरिए माहौल खराब करना न केवल उद्योग के लिए, बल्कि क्षेत्र के हित में भी हानिकारक है।

लोगों और क्रेशर प्रबंधन ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके और क्षेत्र का विकास बाधित न हो।


