रानीखेत NICU उद्घाटन पर सियासत गरमाई, पूर्व विधायक करन माहरा ने लगाए गंभीर आरोप

रानीखेत NICU उद्घाटन पर सियासत गरमाई, पूर्व विधायक करन माहरा ने लगाए गंभीर आरोप

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

रानीखेत राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) कक्ष के उद्घाटन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। उद्घाटन के बाद जहां सरकार इसे स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ी उपलब्धि बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे “उद्घाटन की राजनीति” करार दिया है।

पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता करन माहरा ने सरकार और स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस NICU कक्ष का हाल ही में उद्घाटन किया गया है, उसकी मशीनें कई वर्ष पहले से अस्पताल में उपलब्ध थीं।

उन्होंने दावा किया कि पर्याप्त कक्ष न होने के कारण ये मशीनें लंबे समय तक उपयोग में नहीं लाई जा सकीं और अब इन्हें पहले से तैयार कक्ष में स्थापित कर जल्दबाजी में उद्घाटन कर दिया गया।

करन माहरा ने कहा कि यह जनता को गुमराह करने का प्रयास है और स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर केवल दिखावे की राजनीति की जा रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके विधायक कार्यकाल में अस्पताल को हाईटेक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन साढ़े चार वर्षों बाद भी उसमें तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो सकी है, जिससे सेवा प्रभावित हो रही है।

इसके अलावा उन्होंने भिकियासैंण में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट के भी निष्क्रिय पड़े होने का आरोप लगाया और कहा कि करोड़ों की योजनाएं धरातल पर असर नहीं दिखा पा रही हैं।

पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित ट्रॉमा सेंटर योजना पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि रानीखेत अस्पताल को अब तक ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित नहीं किया गया है, जबकि इसकी लंबे समय से आवश्यकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि केवल फीता काटने और घोषणाएं करने तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं कमजोर बनी हुई हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि रानीखेत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाए और केवल उद्घाटन तक सीमित योजनाओं को वास्तविक रूप से लागू किया जाए।

फिलहाल NICU उद्घाटन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता जा रहा है और अब इस पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।