
ब्यरो रिपोर्ट

केंद्र सरकार और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आज से आधार कार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। 30 मार्च 2026 से लागू हुए इन नए नियमों ने लाखों कार्ड धारकों की चिंता बढ़ा दी है। यदि आपने अपने दस्तावेज समय पर अपडेट नहीं किए हैं, तो आपका आधार कार्ड सस्पेंड हो सकता है और बैंक खातों या सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में समस्या आ सकती है।

10 साल पुराने आधार कार्ड पर री-वेरिफिकेशन अनिवार्य

UIDAI की नई गाइडलाइन के मुताबिक, जिन नागरिकों का आधार कार्ड 10 साल से पुराना है और उन्होंने इसे अपडेट नहीं कराया है, उनके लिए अब री-वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने मुफ्त ऑनलाइन अपडेट की सुविधा की समय सीमा 14 जून 2026 तक बढ़ा दी है। इसके बाद पहचान और पते के प्रमाण अपडेट करने के लिए शुल्क देना होगा।

1 अप्रैल से PAN कार्ड पर भी असर
आधार कार्ड के नियम बदलने का असर PAN कार्ड पर भी पड़ेगा। 1 अप्रैल 2026 से नया नियम लागू होगा, जिसके तहत अब केवल आधार कार्ड के जरिए नया PAN कार्ड नहीं बन सकेगा। जन्मतिथि के प्रमाण के लिए 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे। यदि आधार और PAN की जानकारी मैच नहीं हुई, तो वित्तीय लेन-देन में बाधा आ सकती है।

बच्चों के आधार पर बायोमेट्रिक अपडेट सख्त
5 साल और 15 साल की उम्र पूरे करने वाले बच्चों के लिए Mandatory Biometric Update (MBU) अब और कड़ा कर दिया गया है। स्कूल और आंगनबाड़ियों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। समय पर बच्चों के फिंगरप्रिंट और आइरिस डेटा अपडेट नहीं करने पर उनका आधार निष्क्रिय हो सकता है, जिससे छात्रवृत्ति और एडमिशन में परेशानी आ सकती है।
घर बैठे मुफ्त में अपडेट करें
मुसीबत से बचने के लिए नागरिक myAadhaar पोर्टल पर जाकर अपने दस्तावेज फ्री में अपलोड कर सकते हैं। ‘Document Update’ विकल्प पर क्लिक करके पहचान और पते के प्रमाण की फोटो अपलोड करना होगा। ध्यान दें, यह मुफ्त सेवा केवल ऑनलाइन उपलब्ध है; आधार केंद्र पर अपडेट करने पर ₹50 शुल्क देना होगा।


