
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में यूको बैंक की बायोमेट्रिक जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बैंक कर्मचारी राजेश कुमार, जो पहले पीलीभीत शाखा में कार्यरत था और अक्टूबर 2025 में गाजीपुर शाखा में स्थानांतरित हुआ था, उसके बायोमेट्रिक डेटा में अनियमितता पाई गई।


सूत्रों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया आईबीपीएस के माध्यम से संपन्न हुई थी। भर्ती के दौरान राजेश कुमार ने अपने शैक्षिक प्रमाणपत्रों और बायोमेट्रिक डेटा जमा किए थे। हाल ही में बैंक ने कर्मचारियों की दोबारा बायोमेट्रिक जांच की, जिसमें यह पाया गया कि राजेश कुमार का वर्तमान बायोमेट्रिक डेटा भर्ती के समय दर्ज किए गए डेटा से मेल नहीं खाता।

इस पर बैंक ने राजेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। हालांकि, उन्होंने नोटिस का कोई उत्तर नहीं दिया। इसके बाद बैंक ने 7 फरवरी को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।

बैंक प्रबंधन ने इसे आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का मामला मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यूको बैंक के शाखा प्रबंधक नवनीत कुमार ने गाजीपुर के सदर कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन शामिल हो सकता है।

बैंक अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की जांच से कर्मचारियों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।


