
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर टीम को बड़ी सफलता मिली है। साइबर फ्रॉड में म्यूअल खाता धारक उपलब्ध कराने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराध के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।


गिरफ्तार आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड, मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई है। बरामद सामान से साफ है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से ठगी के काम में लगा हुआ था।


मामले की जानकारी देते हुए एएसपी साइबर कुश मिश्रा ने बताया कि गिरोह के सदस्य सीधे-साधे लोगों को अपने झांसे में लेकर उनके पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्म बनाकर उनके नाम से कॉरपोरेट और करंट अकाउंट खोले जाते थे।


उन्होंने बताया कि इन खातों की पूरी किट तैयार कर रोडवेज बस और अन्य माध्यमों से दिल्ली भेजी जाती थी। वहां मौजूद साइबर अपराधी इन खातों में ठगी की लाखों रुपये की रकम ट्रांसफर कर निकाल लेते थे और बदले में गिरोह के सदस्यों को मोटा कमीशन दिया जाता था।
एएसपी कुश मिश्रा ने यह भी बताया कि यह उत्तराखंड का पहला मामला है जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 के तहत संगठित साइबर गिरोह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से भविष्य में ऐसे गिरोहों पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।


