राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लेखक गांव का किया भ्रमण, सराही पहल

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लेखक गांव का किया भ्रमण, सराही पहल


ब्यरो रिपोर्ट

गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल, आज देहरादून स्थित लेखक गांव पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले नरसिंह देवता के मंदिर में दर्शन किए और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

इसके बाद राज्यपाल ने लेखक गांव में स्थित नालंदा पुस्तकालय का भ्रमण किया। यहां उन्होंने अध्ययनरत छात्रों, लेखकों और साहित्यकारों से संवाद करते हुए उनके अनुभव और विचार साझा किए, जिससे कार्यक्रम का माहौल साहित्यिक चर्चा से सराबोर हो गया।

इस अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। इनमें कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, कोटद्वार के मेयर शैलेंद्र रावत, राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, डॉ. जयपाल सिंह, निदेशक विदुषी निशंक, पद्मश्री डॉ. माधुरी बर्थवाल, पद्मश्री डॉ. आर.के. जैन और पद्मश्री डॉ. संजय शर्मा शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आनंदीबेन पटेल का स्वागत किया। राज्यपाल ने लेखक गांव की सुंदरता और शांत वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति की गोद में स्थापित यह स्थान लेखकों के लिए आदर्श सृजन स्थल है।

इस अवसर पर साहित्यिक आदान-प्रदान की परंपरा भी निभाई गई। आनंदीबेन पटेल ने डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को अपनी पुस्तक “वो मुझे हमेशा याद रहेंगे” भेंट की, वहीं डॉ. निशंक ने अपनी कृति “हिमालय में राम” उन्हें सादर समर्पित की।

भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने लेखक गांव के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया और यहां संचालित साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने इस पहल को सृजन, चिंतन और संस्कृति के संवर्धन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए इसकी सराहना की।