
स्थान : काशीपुर
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तर भारत के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक चैती मेले में इस बार आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। काशीपुर की हर सड़क और गली भक्तिमय माहौल में डूबी हुई नजर आ रही है।


पौराणिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए माँ बालसुंदरी का डोला नगर मंदिर से प्रस्थान कर विधिवत चैती मंदिर में विराजमान हो चुका है। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ डोले का स्वागत किया।


इस भव्य यात्रा की शुरुआत 19 मार्च को विधि-विधान के साथ हुई थी, लेकिन असली उत्साह दुर्गा अष्टमी की मध्य रात्रि को देखने को मिला, जब भारी संख्या में भक्तों की मौजूदगी में डोला चैती मंदिर के लिए रवाना हुआ।


सुबह करीब 5 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने मां को प्रसाद अर्पित कर दर्शन किए और यह सिलसिला लगातार जारी है।
पूरा मेला क्षेत्र मां के जयकारों से गूंज रहा है और हर ओर भक्ति का माहौल बना हुआ है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु इस ऐतिहासिक मेले का हिस्सा बनकर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं।


मान्यता है कि चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मां बालसुंदरी नगर मंदिर छोड़कर चैती मंदिर में विराजमान होती हैं और भक्तों को दर्शन देती हैं।

बताया जा रहा है कि मां 31 मार्च की मध्य रात्रि तक चैती मंदिर में विराजमान रहेंगी, जिसके बाद पुनः डोले में सवार होकर नगर मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगी।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि सभी भक्त सुगमता से दर्शन कर सकें और इस सांस्कृतिक धरोहर का आनंद ले सकें।

