चमोली: राजस्व गांवों का जिम्मा मिलने से बढ़ा पुलिस पर दबाव, नए थानों की तैयारी

चमोली: राजस्व गांवों का जिम्मा मिलने से बढ़ा पुलिस पर दबाव, नए थानों की तैयारी

स्थान : थराली
ब्यरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के चमोली जिले में राजस्व गांवों के पुलिस कार्य रेगुलर पुलिस को सौंपे जाने के बाद पुलिस पर अतिरिक्त दबाव साफ नजर आने लगा है। जिम्मेदारियों में इजाफा होने से पुलिस को अब अधिक क्षेत्रों में निगरानी और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

शासन स्तर पर भले ही राजस्व ग्रामों का कार्य नियमित पुलिस को सौंप दिया गया हो, लेकिन नए थानों और चौकियों के गठन की प्रक्रिया अभी धीमी गति से चल रही है। इससे मौजूदा पुलिस ढांचे पर कार्यभार और बढ़ गया है।

इसी मुद्दे पर थराली थाना के वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि राजस्व गांवों के हस्तांतरण के बाद पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ी है।

उन्होंने बताया कि थराली क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां काफी विषम हैं, जहां दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में पहुंचना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में संसाधनों और पुलिस बल की आवश्यकता भी बढ़ गई है।

स्थिति को देखते हुए नारायणबगड़ और देवाल में नए थाने खोलने की तैयारियां की जा रही हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

इसके अलावा ग्रीष्मकालीन राजधानी और विधानसभा सत्र के दौरान भी पुलिस पर अतिरिक्त दबाव रहता है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आदिबद्री में थाना और दिवालिखाल में पुलिस चौकी खोलने की योजना बनाई जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन प्रस्तावों को लेकर पत्रावलियां तैयार की जा रही हैं और शासन स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है, ताकि जल्द ही इन क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

इस पहल से न केवल पुलिस पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में कानून व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी।