गदरपुर में किसानों का धरना प्रदर्शन

गदरपुर में किसानों का धरना प्रदर्शन

स्थान : उधम सिंह नगर

ब्यूरो रिपोर्ट

प्रशासन द्वारा बेमौसमी धान की पौध नष्ट किए जाने के विरोध में स्थानीय किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने लो-लैंड भूमि पर बेमौसमी धान लगाने की अनुमति देने की मांग की।

पिछले दिनों गदरपुर प्रशासन ने ग्राम खटोला में किसानों द्वारा लगाई गई ग्रीष्मकालीन धान की पौध को नष्ट कर दिया था। इस कार्रवाई से किसानों में आक्रोश व्याप्त है।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रशासन की नीति के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष सलिंदर सिंह कालसी ने कहा कि यह कार्रवाई किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी।

सलिंदर सिंह कालसी ने स्पष्ट किया कि किसान वर्ष भर की मेहनत और अपने साधनों से धान की पौध लगा रहे हैं, ऐसे में प्रशासन द्वारा पौध नष्ट करना उचित नहीं है।

धरने में शामिल किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और अपने मांग पत्र को अधिकारियों को सौंपा।

स्थानीय भाजपा विधायक अरविंद पांडेय ने भी इस विवाद पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसान प्रशासन से अनुमति लेकर लो-लैंड पर ग्रीष्मकालीन धान लगा सकते हैं।

विधायक अरविंद पांडेय ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी नितिन भदौरिया से बातचीत की है और दोनों पक्षों में सहमति बन गई है।

जिलाधिकारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि भविष्य में बेमौसमी धान के मामले में किसानों की राय और उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा।

धरने में उपस्थित किसानों ने कहा कि वे केवल अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं और प्रशासन से समाधान की उम्मीद रखते हैं।

धरना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन किसानों की मांग प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण संदेश भी रही।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि किसानों के हितों और कृषि उत्पादन को ध्यान में रखते हुए आगामी निर्णय लिया जाएगा।

इस घटना ने गदरपुर में किसानों और प्रशासन के बीच संवाद और सहयोग की आवश्यकता को उजागर किया है।