ईरान महिला फुटबॉल टीम ने राष्ट्रगान गाने से किया इनकार, खेल और साहस दोनों में बनी चर्चा

ईरान महिला फुटबॉल टीम ने राष्ट्रगान गाने से किया इनकार, खेल और साहस दोनों में बनी चर्चा

एएफसी एशियन कप 2026 के उद्घाटन मैच में ईरान महिला फुटबॉल टीम ने एक साहसिक कदम उठाया। टीम ने साउथ कोरिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले से पहले ईरानी राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया, जो वहां के मौजूदा शासन और नियमों के खिलाफ विरोध का प्रतीक माना जा रहा है।

इस मैच में साउथ कोरिया ने किम हे-री के दो गोल और चोई यू-री के एक गोल की मदद से ईरान को 3-0 से हराया। हालांकि, मैदान पर गोल न कर पाने के बावजूद, ईरानी खिलाड़ियों के इस साहस को फुटबॉल और राजनीतिक दोनों ही स्तरों पर खूब सराहा जा रहा है।

ईरान में महिलाओं के अधिकार लंबे समय से सीमित हैं, और इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। महिला खिलाड़ियों ने इस कदम के जरिए सरकार के सख्त नियमों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह विरोध केवल खेल तक सीमित नहीं है। जनवरी 2026 में भी ईरान में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे थे, जहां महिलाओं की आज़ादी और समान अधिकारों की मांग जोर-शोर से की गई थी। इसी कड़ी में खिलाड़ियों का राष्ट्रगान गाने से इनकार करना देश में चल रहे सामाजिक और राजनीतिक विरोध का प्रतीक बन गया है।

इस बीच, ईरान पर हाल ही में अमेरिका और इज़राइल का साझा सैन्य अभियान भी जारी रहा, जिसमें सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह खामेनेई समेत अन्य शीर्ष नेताओं की हत्या की गई। इस घटनाक्रम के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ी हुई है।

ईरानी महिला फुटबॉल टीम का यह कदम न केवल खेल की दुनिया में बल्कि सामाजिक और राजनीतिक विमर्श में भी महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है।