
स्थान : पौड़ी

ब्यूरो रिपोर्ट

मंडल मुख्यालय पौड़ी में होली पर्व के अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) गढ़वाल महतिम यादव ने जनपदवासियों को रंगों के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पर्व को आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का प्रतीक बताया।

डीएफओ महतिम यादव ने अपने संदेश में कहा कि होली का पर्व हर्षोल्लास और आनंद का त्योहार है, लेकिन इसे मनाते समय हमें पर्यावरण और वनों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना चाहिए।


उन्होंने लोगों को आग और ज्वलनशील पदार्थों के प्रयोग से होने वाले खतरे के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय फायर सीजन का है और छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है।
डीएफओ ने बताया कि होली के अवसर पर लोग जंगलों में पिकनिक मनाने या भोजन बनाने के लिए आग जलाते हैं। इसके अलावा कुछ लोग धूम्रपान करते हैं, जिससे आग लगने की संभावना बढ़ जाती है।

यदि जंगल में आग लगती है तो इससे वन्यजीवों, बहुमूल्य वन संपदा और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच सकता है। वन अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा नीतियों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जंगलों में आग जलाना, बीड़ी-सिगरेट आदि का प्रयोग करना और ज्वलनशील सामग्री का उपयोग करना प्रतिबंधित है।
डीएफओ महतिम यादव ने कहा कि अगर किसी ने आग की कोई छोटी सी घटना देखी तो तुरंत वन विभाग या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। इससे बड़े हादसे को रोका जा सकता है।
उन्होंने सभी से अपील की कि होली के रंगों का आनंद लें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि पेड़ों, जंगलों और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे।

वन विभाग की टीम इस फायर सीजन में सतर्क रहेगी और जंगलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई करेगी।

महतिम यादव ने कहा कि पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा हर नागरिक का दायित्व है। होली मनाते समय जिम्मेदारी भी निभाना जरूरी है।

उन्होंने अंत में सभी से अपील की कि त्योहार का आनंद उल्लास और प्रेम के साथ लें, लेकिन जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की प्राथमिकता हमेशा बनाये रखें।

पौड़ी जिले में वन विभाग की यह पहल न केवल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए है, बल्कि लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण संदेश भी है।

