वनाग्नि से निपटने को बड़कोट रेंज सतर्क, गांव-गांव चलाया जा रहा जागरूकता अभियान

वनाग्नि से निपटने को बड़कोट रेंज सतर्क, गांव-गांव चलाया जा रहा जागरूकता अभियान

लोकेशन – डोईवाला /देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

गर्मी के मौसम में वनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने की आशंका को देखते हुए देहरादून वन प्रभाग की बड़कोट रेंज पूरी तरह अलर्ट मोड में है। वन विभाग ने वनाग्नि की रोकथाम और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।

देहरादून वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली बड़कोट रेंज में विभागीय टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। जंगलों में नियमित गश्त के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जा रही है।

वन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। टीम गांव-गांव जाकर लोगों को जंगलों में आग न लगाने, सूखी घास और अन्य ज्वलनशील पदार्थों से सावधानी बरतने की अपील कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर वनाग्नि की घटनाएं मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं। इसलिए ग्रामीणों को आग के दुष्परिणामों और पर्यावरणीय नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

गर्मी के मौसम में वन्यजीवों के लिए पानी और भोजन की कमी न हो, इसके लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। जंगलों में जल स्रोतों को संरक्षित किया जा रहा है और आवश्यक स्थानों पर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

वन विभाग का मानना है कि यदि जंगलों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहेंगे तो वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख नहीं करेंगे, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी।

बड़कोट रेंज के रेंजर धीरज रावत ने बताया कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए फायर लाइन की सफाई, उपकरणों की जांच और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

उन्होंने कहा कि विभाग केवल दमनात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान भी कर रहा है। प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को क्षेत्रवासियों के साथ बैठक आयोजित की जाती है।

इन बैठकों में स्थानीय लोग अपनी समस्याएं सीधे रेंज स्तर पर रख सकते हैं, जिससे उनका त्वरित निराकरण संभव हो पाता है।

वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जंगलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और आग लगने की स्थिति में तुरंत विभाग को सूचना दें।

विभाग का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वन्यजीवों और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि गर्मी के मौसम में संभावित खतरों को समय रहते टाला जा सके।