
ब्यूरो रिपोर्ट
स्थान : हल्द्वानी

बाघ के बढ़ते हमलों और जनहानि की घटनाओं को लेकर एकता जनसेवा फाउंडेशन एंटी करप्शन सेल/राष्ट्रीय मानवाधिकार ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर ठोस कार्रवाई की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवम सिंह ठाकुर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई को ज्ञापन दिया।


ज्ञापन में कहा गया कि क्षेत्र में इन दिनों बाघ का आतंक बढ़ता जा रहा है और कई लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में बाघ को पकड़ने के लिए ठोस और त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।

संगठन ने लामाचौड़, फतेहपुर और पनियाली क्षेत्र का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को सख्त निर्देश दिए जाएं कि वे जंगल में न जाएं। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जंगल किनारे जमीन की खरीद-फरोख्त की जांच की जाए। किसने जमीन बेची, किसने खरीदी और किस अधिकारी ने नक्शा पास किया—इन सभी की जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाए।

संगठन ने एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि बाघ के हमले में जान जाने पर वन विभाग और सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे की व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए और इस पर प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि लोग जोखिम उठाने से बचें।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि वन विभाग जंगल क्षेत्र को स्पष्ट रूप से चिह्नित करे और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। यदि कोई व्यक्ति चेतावनी के बावजूद जंगल में प्रवेश करता है तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं की मानी जाए।

संगठन ने यह भी मांग की कि वन विभाग के अधिकारियों के साथ अभद्रता करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि विभागीय कार्य में बाधा न उत्पन्न हो।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि क्षेत्र की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करें।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण, नगर अध्यक्ष शशि गुप्ता, जमील कुरेशी, मीडिया प्रभारी रोहित दिवाकर, कैलाश आर्य, लक्ष्मी देवी और सलीम अहमद सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।


