

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्टर


नगर पालिका रामनगर और रामनगर वन प्रभाग के बीच भवन कर (संपत्ति कर) को लेकर नया प्रशासनिक विवाद सामने आया है नगर पालिका ने रामनगर वन प्रभाग को औपचारिक नोटिस जारी करते हुए वर्ष 1991-92 से लेकर 2025-26 तक का कुल 9 लाख 76 हजार 138 रुपये भवन कर जमा कराने के निर्देश दिए हैं साथ ही निर्धारित समय सीमा में भुगतान न होने पर भू-राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।


नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस के अनुसार इससे पहले 26 अप्रैल 2024 को भी वन विभाग को पत्र भेजकर 7 लाख 75 हजार 643 रुपये भवन कर 15 दिनों के भीतर जमा करने को कहा गया था हालांकि निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर अब नया नोटिस जारी किया गया है पालिका का कहना है कि बकाया राशि के कारण उसकी राजस्व आय प्रभावित हो रही है।



नोटिस में कर राशि का विस्तृत विवरण भी दिया गया है इसके अनुसार वर्ष 1991-92 से 2024-25 तक का मूल भवन कर 7 लाख 96 हजार 264 रुपये है इस पर 20 प्रतिशत वृद्धि के रूप में 1 लाख 59 हजार 253 रुपये जोड़े गए हैं, जबकि वर्ष 2025-26 के लिए 20 हजार 621 रुपये अतिरिक्त निर्धारित किए गए हैं इस प्रकार कुल देय राशि 9 लाख 76 हजार 138 रुपये बनती है।


नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल ने बताया कि पालिका क्षेत्र में स्थित वन विभाग के आवासीय भवन नगर पालिका अधिनियम के तहत भवन कर के दायरे में आते हैं उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले शासन से स्पष्ट निर्देश मांगे गए थे और शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के बाद नगर पालिका को ऐसे भवनों पर कर वसूली के लिए अधिकृत किया गया।

ईओ आलोक उनियाल ने बताया कि जिन आवासीय भवनों में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आवंटित रूप से रह रहे हैं, उनका आकलन कर डिमांड नोटिस जारी किया गया है उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी नियमानुसार प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए नोटिस भेजा गया है, लेकिन अब तक वन प्रभाग की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।


उन्होंने कहा कि नगर पालिका इस मामले में लगातार फॉलोअप कर रही है ताकि बकाया कर की वसूली सुनिश्चित हो सके पालिका का मानना है कि यदि यह राशि जमा होती है तो उसे शहर के विकास कार्यों और जनसुविधाओं पर खर्च किया जा सकेगा उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान नहीं होने की स्थिति में भू-राजस्व की भांति वसूली की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।



वहीं दूसरी ओर रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने कहा कि विभाग इस मामले में लागू नियमों और शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई करेगा उन्होंने कहा कि कर संबंधी किसी भी विषय पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्णय लिया जाता है फिलहाल नगर पालिका के नोटिस के बाद यह मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सभी की निगाहें वन विभाग की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

