प्रधानमंत्री आवास योजना की नई सूची पर ग्रामीणों का विरोध, पुनः सत्यापन की मांग

प्रधानमंत्री आवास योजना की नई सूची पर ग्रामीणों का विरोध, पुनः सत्यापन की मांग

स्थान : मंगलौर
ब्यूरो रिपोर्ट

प्रधानमंत्री आवास योजना की नई सूची को लेकर नारसन विकास खंड के मोहम्मदपुर जट गांव में ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के कई वास्तविक पात्र परिवारों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं, जबकि उनकी नजर में अपात्र लोगों को सूची में शामिल किया गया है। इसे लेकर ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और सूची के पुनः सत्यापन की मांग उठाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन नई सूची में कई पात्र परिवारों को योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है। इससे प्रभावित लोगों में असंतोष व्याप्त है।

ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने योजना के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा किए थे और पात्रता की सभी शर्तें भी पूरी करते हैं। इसके बावजूद उनके नाम लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं किए गए, जिससे उन्हें निराशा हुई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सूची तैयार करने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कर सूची का दोबारा सत्यापन कराया जाए तो वास्तविक पात्रों को न्याय मिल सकेगा और पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नई सूची की पारदर्शी तरीके से समीक्षा कराई जाए और पात्र परिवारों के नाम सूची में शामिल किए जाएं। उनका कहना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचना चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और बेघर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण योजना है, इसलिए लाभार्थियों के चयन में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जानी चाहिए, ताकि किसी पात्र व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सूची के पुनः सत्यापन की मांग पर सकारात्मक निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।