बद्रीनाथ थाली भेंट अनियमितता मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, एक और आरोपी गिरफ्तार

बद्रीनाथ थाली भेंट अनियमितता मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, एक और आरोपी गिरफ्तार

स्थान : बद्रीनाथ
ब्यूरो रिपोर्ट

श्री बद्रीनाथ धाम में थाली भेंट की धनराशि एवं दान सामग्री में कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने जांच के दौरान एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता प्रमाणित होने के बाद यह कार्रवाई की गई। मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से जारी है।

पुलिस के अनुसार इस मामले में प्राप्त शिकायत के आधार पर कोतवाली श्री बद्रीनाथ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 और 316(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद 12 जुलाई 2026 को नामजद आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया गया था, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में है।

SIT ने विवेचना के दौरान थाली भेंट गणना कक्ष की विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच में सामने आया कि बीकेटीसी के स्थायी कर्मचारी एवं तत्कालीन मंदिर अधिकारी तथा थाली भेंट गणना प्रभारी राजेन्द्र चौहान ने कथित रूप से प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत दान की धनराशि और अन्य भेंट सामग्री का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में लिया।

सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में 22, 25 और 29 जून 2026 की रिकॉर्डिंग में राजेन्द्र चौहान को कई बार 500 रुपये के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में धारा 61(2)(क) BNS भी जोड़ी गई है।

साक्ष्यों के आधार पर राजेन्द्र चौहान का नाम सह-अभियुक्त के रूप में सामने आने के बाद पुलिस टीम ने 17 जुलाई 2026 को उन्हें ज्योतिर्मठ से गिरफ्तार कर थाना श्री बद्रीनाथ लाया। फिलहाल उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 306, 316(5), 317(2) एवं 61(2)(क) के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपी को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जाएगा।

चमोली पुलिस का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।