चंपावत में बेटी बनी पिता की ढाल, गुलदार के हमले से बचाई जान; रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद किया गया तेंदुआ

चंपावत में बेटी बनी पिता की ढाल, गुलदार के हमले से बचाई जान; रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद किया गया तेंदुआ

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम पंचायत सिमल्टा में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां घर में टीवी देख रहे बुजुर्ग पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। इस दौरान मायके आई उनकी बेटी ने अदम्य साहस दिखाते हुए न सिर्फ अपने पिता की जान बचाई, बल्कि गुलदार को भी घर के अंदर बंद कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार चंपावत जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर सिमल्टा गांव निवासी 64 वर्षीय सुरेश चंद्र पांडे पुत्र लक्ष्मी दत्त पांडे खाना खाने के बाद अपने घर में टीवी देख रहे थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे गुलदार ने घर में घुसकर उन पर हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए।

इसी बीच कुछ दिनों के लिए मायके आई उनकी बेटी किरन पांडे ने पिता को खतरे में देखकर हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने साहस दिखाते हुए गुलदार का सामना किया और अपने पिता को उसके चंगुल से बचा लिया। इसके बाद उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए गुलदार को घर के अंदर ही बंद कर दिया और ग्रामीणों को इसकी सूचना दी।

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घर के अंदर गुलदार के बंद होने से गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया। लोहाघाट से रेंजर रमेश चंद जोशी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर सफलतापूर्वक पिंजरे में कैद कर लिया। अब गुलदार को रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा।

उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि घायल सुरेश चंद्र पांडे को तत्काल चंपावत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

वहीं, बहादुर बेटी किरन पांडे के साहस की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सूझबूझ और हिम्मत के कारण न सिर्फ बुजुर्ग की जान बची, बल्कि गुलदार को भी सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया और एक बड़ी अनहोनी टल गई।